
हालांकि, जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पोटरी को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
राज्यसभा में उठाया गया सवाल
राज्यसभा सदस्य नीरज डांगी ने सरकार से जयपुर की ब्लू पोटरी, जोधपुर के फर्नीचर उद्योग और भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग के बारे में जानकारी मांगी थी। जवाब में बताया गया कि राजस्थान के अलग-अलग जिलों से पारंपरिक और खास उत्पादों को योजना में शामिल किया गया है।
इन उत्पादों को मिला स्थान
राजस्थान के कई प्रसिद्ध उत्पादों को इस योजना में शामिल किया गया है, जैसे:
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बीकानेर – बीकानेरी नमकीन
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कोटा – कोटा डोरिया
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जोधपुर और सीकर – लकड़ी का फर्नीचर
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प्रतापगढ़ – थेवा ज्वेलरी
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नागौर – पान मेथी और मसाले
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श्रीगंगानगर – सरसों का तेल
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पाली और बालोतरा – टेक्सटाइल उत्पाद
योजना का उद्देश्य
सरकार की इस योजना का उद्देश्य हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को पहचान देना और उसकी ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा देना है। यह पहल उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा चलाई जा रही है।
रोजगार के आंकड़े उपलब्ध नहीं
सरकार ने यह भी बताया कि इस योजना से राज्य में कितने रोजगार पैदा हुए हैं, इसका कोई केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है।
राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी 41 जिलों के लिए अलग-अलग पारंपरिक उत्पाद चिन्हित किए हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
