Site icon CHANNEL009

‘वाटर बम’ बना सिंधु जल संधि का निलंबन: पाकिस्तान में मंडराने लगा सूखे का खतरा

shahbaz shrif

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कड़ा रुख अपनाया है। हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने न केवल आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की, बल्कि एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। इस कदम से पाकिस्तान में सियासी और सामाजिक दोनों स्तरों पर हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान के नेताओं ने इसे ‘वाटर बम’ करार दिया है, जो देश के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।


‘सिंधु’ को बताया जीवन रेखा, उठी अपील

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता और सीनेटर अली जफर ने सरकार से मांग की है कि सिंधु जल संकट को तत्काल सुलझाया जाए। उन्होंने सीनेट में कहा:

“हम पर पानी की कमी थोपी जा रही है, यह एक नया युद्ध है। अगर हालात नहीं बदले, तो हमें भयंकर अकाल का सामना करना पड़ सकता है। सिंधु सिर्फ एक नदी नहीं, हमारी जीवन रेखा है — और इस पर लटक रहा है ‘वाटर बम’, जिसे निष्क्रिय करना ज़रूरी है।”


भारत ने आतंकवाद को लेकर दिखाई सख्ती

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुए उसके आतंकी ढांचों को निशाना बनाया। भारतीय सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों और एयरबेस को ध्वस्त किया गया। इसके बाद भारत ने सिंधु जल संधि, जो कि दोनों देशों के बीच 1960 से लागू है, को निलंबित करने की घोषणा कर दी।


क्या है सिंधु जल संधि?

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) एक ऐतिहासिक समझौता है जो भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था। इसके तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, चिनाब, झेलम) के जल के प्रयोग का अधिकार दिया गया।

इस संधि के निलंबन का मतलब है कि पाकिस्तान को मिलने वाले पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह पर भी असर पड़ सकता है, जिससे खेती-बाड़ी, पीने के पानी और बिजली उत्पादन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।


भविष्य की चिंताएं और चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि 21वीं सदी में जल युद्ध केवल कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बनती जा रही है। पाकिस्तान की नाजुक जल प्रणाली भारत पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में अगर तनाव और बढ़ा, तो पानी को लेकर गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो सकता है।

Exit mobile version