ब्यावर। नगर परिषद में वार्ड परिसीमन को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाने का गुरुवार को अंतिम दिन था। इस दिन कांग्रेस पार्टी और पूर्व पार्षदों सहित कई संगठनों ने प्रशासन को आपत्तियां सौंपीं। आपत्तियां नगर परिषद, उपखंड अधिकारी और जिला कलेक्टर कार्यालय में दी गईं। अब इन आपत्तियों की जांच कर प्रशासन अंतिम वार्ड सूची पर मुहर लगाएगा।
शहर में पहले की तरह अब भी 60 वार्ड रहेंगे, लेकिन नई परिसीमन में शामिल हुई ग्राम पंचायतों के भी वार्ड बना दिए गए हैं। वार्ड सीमाओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक रांका और अन्य नेताओं ने वार्डवार आपत्तियां दीं।
राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन का विरोध
इस बीच राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन ने भी राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि 2021 की जनगणना नहीं हुई है, ऐसे में नया परिसीमन सही नहीं है। साथ ही कुछ निकायों में कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव नहीं कराए गए हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
संगठन ने कहा कि परिसीमन में ‘यथासंभव’ शब्द का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है और लोकसभा-विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही निकायों का परिसीमन करना उचित रहेगा।
डोर-स्टेप काउंसलिंग और विधिक जागरूकता शिविर
ब्यावर के नरबदखेड़ा गांव में राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत डोर-स्टेप काउंसलिंग और विधिक चेतना शिविर लगाया गया। इसमें दीवानी, फौजदारी, चेक बाउंस, राजस्व, किराया विवाद और मोटर वाहन मामलों को आपसी समझौते से निपटाने के प्रयास किए गए। शिविर में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण और श्रमिक योजनाओं की जानकारी दी गई।
सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण
ग्राम ब्यावर खास में जल प्रवाह क्षेत्र की सरकारी जमीन से करीब 3 बीघा अतिक्रमण हटाया गया। कुछ लोगों ने इस पर अवैध कब्जा कर रखा था। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी से निर्माण तोड़कर जमीन को वापस कब्जे में ले लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि पानी की धाराओं और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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