
शुक्रवार को डॉ. विजय शाह मित्र मंडल और अजा-जजा व अन्य पिछड़ा वर्ग छात्र संघ के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले को समाप्त करने की मांग की।
चार बार मांग चुके हैं माफी
समर्थकों का कहना है कि मंत्री अपने बयान को लेकर चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। उनका कहना है कि भाषाई गलती के कारण इतना बड़ा विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है। मंत्री की लंबी जनसेवा और वरिष्ठता को देखते हुए अब इस मामले को खत्म कर देना चाहिए।
40 साल की सेवा को नजरअंदाज न करें
ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. विजय शाह आदिवासी समाज के प्रमुख नेता हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वे लगातार आठ बार विधायक चुने गए हैं, जो उनकी लोकप्रियता को दिखाता है।
उन्होंने शिक्षा, वन और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले हैं। समर्थकों का कहना है कि एक गलती के कारण उनके 35-40 साल के संघर्ष और योगदान को नहीं भुलाया जाना चाहिए।
मामला सुप्रीम कोर्ट में
गौरतलब है कि मंत्री विजय शाह पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इस बार उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसे कई लोगों ने सेना और देश का अपमान बताया।
यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
