
क्या है पूरा मामला
यह मामला मई 2025 का है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी की थी। इस बयान को सेना के सम्मान के खिलाफ, आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक माना गया। इसके बाद देशभर में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
विवाद बढ़ने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अब इसकी सुनवाई अंतिम चरण में है।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था
इस केस की पिछली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को हुई थी। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को साफ कहा था कि वह दो हफ्ते के भीतर यह तय करे कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाएगी या नहीं। कोर्ट ने किसी भी तरह की देरी से इनकार कर दिया था।
आज की सुनवाई क्यों है जरूरी
आज, 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। आज राज्य सरकार अपना अंतिम फैसला कोर्ट के सामने रखेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। साथ ही, यह भी संभव है कि अदालत सरकार के फैसले पर सख्त टिप्पणी या नए निर्देश दे।
इस पूरे मामले को सेना के सम्मान, संवैधानिक मूल्यों और नेताओं की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
