विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव: मई में भारतीय बाजार से निकाले ₹27 हजार करोड़
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार चिंता बढ़ा रही है। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मई महीने में भारतीय बाजार से करीब ₹27,048 करोड़ निकाल लिए हैं। इसके साथ ही साल 2026 में अब तक कुल बिकवाली का आंकड़ा लगभग ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बदलाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भी निवेश धारणा पर दिखाई दे रहा है। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी निवेशकों को उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते देखा जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारत के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दिखाई दे रहा है।
हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक संभाले रखा है। म्यूचुअल फंड और रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी के कारण बड़ी गिरावट से राहत मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक संकेत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव अभी जारी रहने की संभावना है।

