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विशाल जनसभा से पहले ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ परिवाद, जानिए क्या है पूरा मामला

प्रयागराज: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ प्रयागराज की MP/MLA कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। यह परिवाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से दायर किया गया है।

24 मार्च को दर्ज होगा बयान

विशेष न्यायाधीश (MP/MLA कोर्ट) योगेश जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 24 मार्च की तारीख तय की है। परिवादी पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा।

क्या है आरोप?

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को बलिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साल 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार में हुई SDM नियुक्तियों को लेकर गलत और भ्रामक बयान दिया था।
परिवादी का कहना है कि मंत्री के बयान से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा और एक विशेष समुदाय के खिलाफ सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई।

परिवाद में यह भी कहा गया है कि संबंधित नियुक्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के जरिए हुई थीं और मंत्री द्वारा बताए गए आंकड़े आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356, 352 और 353 समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।

आजमगढ़ में होने वाली है रैली

इसी बीच 22 फरवरी को आजमगढ़ में ओम प्रकाश राजभर की एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है, जिसे ‘सामाजिक समरसता रैली’ नाम दिया गया है। इसे मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राजभर ने कहा है कि इस रैली से पार्टी का चुनावी अभियान शुरू होगा और इसमें 10 हजार से ज्यादा प्रबुद्ध ब्राह्मणों सहित विभिन्न वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे।

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