
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “योग सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है। योग हमें शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से मजबूत बनाता है।”
उन्होंने लोगों से कहा कि योग को हर दिन के जीवन का हिस्सा बनाएं, ताकि हम सभी स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें।
सोशल मीडिया पर भी साझा किया संदेश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” के संदेश को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया, जिनकी कोशिशों से 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
दिल्ली में 11 जगहों पर योग कार्यक्रम
दिल्ली में इस अवसर पर 11 जगहों पर भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग, जनप्रतिनिधि, योग शिक्षक और सामाजिक संगठन शामिल हुए।
रेखा गुप्ता ने कहा, “जब सरकार और समाज एक साथ चलते हैं, तब योग जैसी सांस्कृतिक परंपराएं जन-जन का हिस्सा बन जाती हैं।”
आतिशी और अन्य नेताओं ने भी योग को सराहा
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी योग दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, शरीर और मन का संतुलन है। आइए हम सभी एक संतुलित जीवन की ओर बढ़ें।”
अन्य राज्यों के नेताओं के विचार:
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योगी आदित्यनाथ (सीएम, यूपी): योग से सिर्फ शरीर नहीं, मन और आत्मा को भी शांति मिलती है।
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एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र): योग ने पूरी दुनिया को जोड़ा है।
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अशोक गहलोत (पूर्व सीएम, राजस्थान): योग मानसिक शांति और ताजगी का रास्ता है।
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ममता बनर्जी (सीएम, पश्चिम बंगाल): योग हमारी सांस्कृतिक विरासत है, इसे अपनाकर हम मजबूत बन सकते हैं।
निष्कर्ष:
इस बार के योग दिवस ने एक बार फिर साबित किया कि योग सिर्फ भारत की परंपरा नहीं, बल्कि एक वैश्विक जीवनशैली बन चुका है। हर राज्य के नेता इसके महत्व को बढ़ावा देने में जुटे हैं और जनता से इसे अपनाने की अपील कर रहे हैं।
