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वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने सीएम योगी को “कालनेमि” तक कह दिया और कहा कि उन्हें सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
कार्यशैली पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि जो व्यक्ति नाम, वेशभूषा और आचरण में अलग-अलग हो, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की टिप्पणियों से सीएम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
बटुकों के सम्मान पर बयान
उन्होंने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों के सम्मान कार्यक्रम पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि यह कदम अच्छा है, लेकिन यह पहले हुई घटनाओं को ढकने की कोशिश जैसा लगता है। प्रयागराज में बटुकों के साथ हुए व्यवहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
40 दिन का अल्टीमेटम
शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए 40 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसमें से 20 दिन बीत चुके हैं और बाकी 20 दिन बचे हैं। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो वह धर्माचार्यों के साथ लखनऊ की ओर कूच करेंगे। उन्होंने देशभर के धर्मगुरुओं से सहयोग की अपील भी की।
बीजेपी पर भी टिप्पणी
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बीजेपी के कई पदाधिकारी पार्टी छोड़कर उनसे मिलने आ रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग पार्टी में असहज महसूस कर रहे हैं और अब सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करना चाहते हैं।
शंकराचार्य के इन बयानों से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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