
शरद पवार ने अपने पारिवारिक गढ़ बारामती में इस बारे में बयान दिया। 20 नवंबर को उनके पोते युगेंद्र पवार और भतीजे अजित पवार के बीच यहां चुनावी मुकाबला होगा। पवार ने बारामती के लोगों का उन्हें 14 बार सांसद और विधायक बनाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि अब उन्हें रुकना चाहिए।
यह पहली बार नहीं है जब शरद पवार ने संन्यास की बात कही हो। पिछले साल मई 2023 में भी उन्होंने एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान किया था। उनके इस फैसले से एनसीपी में खलबली मच गई थी, और कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था।
जुलाई 2023 में अजित पवार और एनसीपी के कई नेता राज्य में शिवसेना-बीजेपी सरकार में शामिल हो गए, जिससे पार्टी दो भागों में बंट गई। अब 20 नवंबर को बारामती विधानसभा सीट पर अजित पवार और युगेंद्र पवार के बीच दिलचस्प मुकाबला होने वाला है।
बारामती सीट से सुप्रिया सुले, शरद पवार की बेटी और सांसद, युगेंद्र पवार का समर्थन कर रही हैं, जबकि अजित पवार इस सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं।
