
शरद पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि देश में हुए चुनावों ने बहुत से लोगों को बेचैन कर दिया है। उन्होंने कहा, “हर दिन संसद में विपक्षी नेता सवाल उठाते हैं, लेकिन उनकी बातों को संसद में कोई तवज्जो नहीं दी जाती। इससे यह साफ होता है कि संसदीय लोकतंत्र का ठीक से पालन नहीं हो रहा है।”
शरद पवार ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर पुनर्मतगणना की मांग की है और वे इस मामले में जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, उसे उठाएंगे।
उन्होंने बालासाहेब थोराट के आरोपों को चौंकाने वाला बताया और कहा कि यह केवल थोराट ही नहीं, बल्कि कई नेताओं ने ऐसी जानकारी दी है। कांग्रेस इस मुद्दे को उठाने के लिए इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर काम करेगी।
बता दें कि इस महीने हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति (भा.ज.पा., शिवसेना, राकांपा) ने 288 में से 230 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि महाविकास अघाड़ी 46 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई।
