
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा
बैंक में ग्राहकों ने गोल्ड लोन के बदले अपने सोने के गहने जमा करा रखे थे। ये गहने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित पैकेटों में रखे गए थे। जांच के दौरान पता चला कि 73 पैकेटों में से असली सोने के गहने निकालकर उनकी जगह नकली गहने रख दिए गए थे। वहीं 3 पैकेटों में सोने का वजन कम पाया गया।
बैंक की शुरुआती जांच में करीब 4198 ग्राम सोना गायब मिला है, जिसकी कीमत लगभग 6.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। असल में कितना सोना चोरी हुआ, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही चलेगा।
चार्ज सौंपते समय सामने आई गड़बड़ी
गोल्ड सेफ दो चाबियों से खुलती थी, जिनकी जिम्मेदारी तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और उप प्रबंधक अनंत प्रकाश चौधरी के पास थी। 28 जनवरी को जब सेफ का चार्ज उप प्रबंधक सीमा महला को सौंपा जा रहा था, तब जांच में पैकेटों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया।
इसके बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़ का नाम सामने आया। बैंक की शिकायत पर उनके साथ उप प्रबंधक अनंत प्रकाश चौधरी और बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी मैनेजर की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी
जानकारी के अनुसार आरोपी बैंक मैनेजर अमित कुमार जांगिड़ ने पिछले कुछ सालों में करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी है। इनमें से एक जमीन पर उसने डेयरी प्लांट भी लगाया है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर और भी जमीनें खरीदने की जानकारी सामने आई है। उसका परिवार झुंझुनूं जिले के सीथल, गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में रहता है।
फर्जी लोन देने का भी आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आ रहा है कि बैंक से कई फर्जी लोन भी पास किए गए। कुछ लोन ऐसे नामों पर दिखाए गए हैं, जिनके नाम के व्यक्ति असल में मौजूद ही नहीं हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर लोन देने की बात सामने आई है।
अब जांच में यह सामने आने की संभावना है कि बैंक से किया गया कुल गबन 6.50 करोड़ से कहीं ज्यादा हो सकता है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
