
सोमवार को कांग्रेस ने बरसात के बीच जैन तीर्थ स्थल के पास एक बड़ी रैली का आयोजन किया। यह रैली तीन घंटे की देरी से शुरू हुई, जिसमें कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
डोटासरा का आरोप – सरकार तोड़ रही संविधान
डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से कई वादे किए थे, लेकिन उनकी सरकार ने केवल संविधान को कमजोर करने और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की ज़मीनें अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को देने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की कोशिश की गई।
पाकिस्तान और ट्रम्प पर बयान
डोटासरा ने पाकिस्तान की पहलगाम घटना पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंक फैला रहा है और मोदी सरकार सिर्फ चुपचाप लव लेटर भेज रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने व्यापार की धमकी देकर सीजफायर कराया, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं – टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार कांग्रेस नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है, लेकिन कार्यकर्ताओं को डरने या चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “जहां कार्यकर्ता का पसीना गिरेगा, वहां हमारा खून गिरेगा, हम साथ हैं।”
पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के समर्थन में डोटासरा
डोटासरा ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए एसपी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी ने भाजपा के दबाव में गलत कार्रवाई की, तो कांग्रेस जवाब देना जानती है।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दावा करते हैं कि उन्होंने 5 महीने में वो कर दिखाया जो कांग्रेस 5 साल में नहीं कर पाई, लेकिन असलियत यह है कि उनके मंत्री खुद नकली खाद बिकने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का खुद पर ही नियंत्रण नहीं है।
अन्य नेता भी हुए शामिल
इस रैली में विधायक अशोक चांदना, पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, हरिमोहन शर्मा, सीएल प्रेमी, सुरेश गुर्जर, और भैरों सिंह परिहार समेत कई नेता मंच पर मौजूद थे।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, मीनाक्षी चंद्रावत, करण सिंह राठौड़, नरमिला सहरिया, भरत मारन, सभापति ज्योति पारस, कैलाश पारस और उप सभापति नरेश गोयल भी मौजूद रहे।
