
हमलों से बचने के लिए अपनाई खास रणनीति
बताया जा रहा है कि रास्ते में संभावित हमलों से बचने के लिए जहाज के क्रू ने विशेष रणनीति अपनाई। जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करते समय अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर दिया था।
AIS बंद होने से जहाज को समुद्र में ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा जहाज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए लाइबेरिया का झंडा भी लगाया था। करीब एक दिन तक रडार से गायब रहने के बाद यह जहाज सुरक्षित मुंबई के तट पर पहुंच गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इस रास्ते से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। हाल ही में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग पर खतरा बढ़ गया है।
कई जहाजों पर हो चुके हैं हमले
पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में कई जहाजों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो हफ्तों में करीब 16 जहाजों पर हमले हुए हैं। इसके कारण दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है और ईंधन की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाज
इस समय खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर लगभग 778 भारतीय नाविक सवार हैं। भारत सरकार इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बातचीत के बाद ईरान भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार हो गया है।
इस जहाज के सुरक्षित मुंबई पहुंचने से फिलहाल भारत में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर थोड़ी राहत मिली है।
