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सऊदी की धरती से अमेरिका का डिप्लोमैटिक धमाका: ईरान और इज़राइल दोनों को झटका, चमका MBS का कद

us and saudi arabia

मध्य पूर्व की राजनीति में भूचाल लाने वाला घटनाक्रम सऊदी अरब की राजधानी रियाद में देखने को मिला, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलानों ने न सिर्फ ईरान को असहज कर दिया, बल्कि इज़राइल की रणनीतिक स्थिति को भी झटका दिया। ट्रंप की इस यात्रा को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

सीरिया पर प्रतिबंध हटाने का ऐलान, 300 अरब डॉलर की डील

ट्रंप के दौरे की सबसे बड़ी घोषणा सीरिया पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की रही। मंच से जैसे ही उन्होंने यह कहा कि “अब समय है सीरिया को फिर से उठने का,” निवेश सम्मेलन में मौजूद लोग खड़े होकर तालियां बजाने लगे। यह ऐलान उस समय हुआ जब अमेरिका और सऊदी अरब के बीच 300 अरब डॉलर की बड़ी निवेश डील भी साइन की गई।

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप की सीरिया नीति में इस बदलाव के पीछे सऊदी नेतृत्व की अहम भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि ट्रंप, सीरिया के कार्यवाहक नेता अल-शरा से रियाद में मुलाकात कर सकते हैं।

ईरान के लिए खतरे की घंटी

अमेरिका का यह नरम रुख ईरान के लिए सीधी चुनौती बनकर उभरा है। सीरिया की स्थिरता ईरान की क्षेत्रीय रणनीति को कमजोर कर सकती है, खासकर क्योंकि वह हिजबुल्लाह तक सप्लाई पहुंचाने के लिए सीरिया को उपयोग करता रहा है। सीरिया की सेना और प्रशासन अगर मज़बूत होते हैं तो ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की वहां मौजूदगी और दखल दोनों पर असर पड़ सकता है।

इज़राइल को नजरअंदाज कर हमास से डील की पहल

ट्रंप प्रशासन ने एक और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए हमास से सीधे बातचीत शुरू कर दी है — इज़राइल की मौजूदगी के बिना। इस पहल के तहत एक अमेरिकी-इज़राइली नागरिक को रिहा कराया गया, जिससे इज़राइल की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। जानकार मानते हैं कि ट्रंप अपनी ‘शांति दूत’ की छवि को और मज़बूत करना चाहते हैं।

नेतन्याहू सरकार बैकफुट पर

ट्रंप की हमास के साथ एकतरफा बातचीत और गाजा मुद्दे पर संभावित पहल ने इज़राइल की नेतन्याहू सरकार को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कतर दौरे के दौरान ट्रंप गाजा युद्धविराम पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

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