जयपुर: राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के हालिया विवादित व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जयपुर में आयोजित एक संविधान रैली के दौरान पायलट ने बीजेपी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को ऐसी घटनाओं पर स्पष्ट और सार्वजनिक स्टैंड लेना चाहिए।
‘मुख्यमंत्री को कहना चाहिए कि मैं सहमत नहीं हूं’ – सचिन पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि जयपुर के एक बीजेपी विधायक ने शहर में जो कुछ किया, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा, “बीजेपी नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। और मुख्यमंत्री को खुद सामने आकर कहना चाहिए कि वह इस प्रकार की सोच से सहमत नहीं हैं।”
मस्जिद में घुसकर पोस्टर लगाने का आरोप
घटना की पृष्ठभूमि में बताया गया कि 24 अप्रैल को जयपुर के जौहरी बाजार क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर विवादित पोस्टर लगाने और नारेबाजी के आरोप लगे हैं। इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और भारी संख्या में लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लिया, लेकिन विवाद अभी शांत नहीं हुआ है।
विधायक का स्पष्टीकरण
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में आयोजित जनसभा में शामिल हुए थे और वहां मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का नहीं था।
विरोध और गिरफ्तारी की मांग
इस मामले के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए विधायक की गिरफ्तारी की मांग की। शनिवार को जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हालात को काबू में रखने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने भी विधायक के कार्यों की आलोचना की।
निष्कर्ष:
यह विवाद राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बन गया है। विपक्ष लगातार सरकार से स्पष्ट रुख और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी विधायक खुद को निर्दोष बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

