
कई कार्यालयों का किया निरीक्षण
डीएम ने तहसील परिसर, आवासीय परिसर, तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, एसडीएम और अपर एसडीएम न्यायालय, कंप्यूटर कक्ष और रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा होता है, इसलिए यहां की कार्यप्रणाली पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
खतौनी व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान खतौनी जारी करने की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि खतौनी शुल्क की जानकारी साफ-साफ प्रदर्शित की जाए और भुगतान के लिए क्यूआर कोड लगाया जाए, ताकि किसान डिजिटल माध्यम से शुल्क जमा कर सकें।
उन्होंने किसानों से खुद पूछकर शुल्क की जानकारी ली और संतोष जताया, लेकिन चेतावनी दी कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी।
साफ-सफाई और व्यवस्था पर जोर
तहसील परिसर की स्वच्छता पर भी डीएम ने ध्यान दिया। उन्होंने नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और रख-रखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां रोज बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए साफ-सफाई जरूरी है।
डिजिटल रिकॉर्ड में सावधानी के निर्देश
कंप्यूटर कक्ष में जाकर उन्होंने डेटा फीडिंग और डिजिटलीकरण की स्थिति देखी। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रविष्टियां समय पर और बिना गलती के दर्ज हों, क्योंकि रिकॉर्ड में गलती से आमजन को परेशानी हो सकती है।
लंबित मामलों का निस्तारण
तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि मामलों का समय पर निस्तारण किया जाए और वादकारियों को अनावश्यक तारीख न दी जाए।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त), मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि एक महीने में सभी कमियां दूर की जाएं, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
