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सरिस्का में इलेक्ट्रिक बसें चलाने में देरी, 30 बसें होनी थीं संचालित

अब तक केवल एक बस चालू, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
सरिस्का टाइगर रिजर्व में तीन महीने पहले इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल पास हो चुका, लेकिन अब तक परिवहन निगम ने बसों के संचालन के टेंडर जारी नहीं किए। फिलहाल सिर्फ एक बस चलाई जा रही है, जो मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं को पांडुपोल मंदिर तक ले जाती है। यह श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से बहुत कम है

सुप्रीम कोर्ट ने मार्च तक बसें चलाने के दिए थे आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि सरिस्का में डीजल और पेट्रोल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं, ताकि वन्यजीवों और बाघों के प्रजनन पर बुरा असर न पड़े। कोर्ट ने मार्च 2024 तक बसों के संचालन की समयसीमा दी थी, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया

बसों के संचालन के लिए टेंडर बाकी

सरिस्का के अधिकारियों के अनुसार, बसों के लिए टेंडर जारी करने का काम परिवहन निगम को करना है। लेकिन अब तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया

दो गेट से चलेगी बस सेवा

  • सरिस्का मुख्य द्वार और टहला गेट से 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है
  • बस डिपो भर्तृहरि धाम के पास बनेगा
  • बसें 40 मिनट में पांडुपोल पहुंचेंगी
  • बसों का किराया परिवहन निगम तय करेगा

सरकार और प्रशासन की सुस्ती की वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास भी धीमे हो रहे हैं

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