ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने जूनियर पहलवान सागर धनखड़ हत्या मामले में सुशील कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द कर दिया है। साथ ही, अदालत ने उन्हें एक हफ्ते के अंदर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का आदेश दिया है।
इस मामले में सागर धनखड़ के पिता अशोक धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि सुशील कुमार पहले भी गवाहों पर दबाव डाल चुके हैं और अब फिर से उनके परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इस आधार पर उन्होंने जमानत रद्द करने की मांग की। पीड़ित पक्ष की वकील जोशिनी तुली ने कहा कि सुशील कुमार ने जब भी अंतरिम जमानत पाई, उसका गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने यह सख्त फैसला लिया है।
यह घटना 4 मई 2021 की है। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में देर रात पहलवानों के दो गुटों में झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान फायरिंग भी हुई और कई पहलवान घायल हो गए।
सागर धनखड़ (23 साल), जो दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के बेटे थे, गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों में सोनू (37), अमित कुमार (27) और दो अन्य पहलवान शामिल थे। इस घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसमें सुशील कुमार और उनके साथी सागर को हॉकी से पीटते दिख रहे थे। यह वीडियो खुद सुशील ने ही बनवाया था। वीडियो वायरल होने के बाद, 23 मई 2021 को सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस ने मुंडका मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और अक्टूबर 2021 में जेल भेज दिया गया।
करीब चार साल जेल में बिताने के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुशील कुमार को 50,000 रुपये के बॉन्ड और उतनी ही राशि के दो जमानतदारों की गारंटी पर रिहा करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुशील कुमार को 7 दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

