एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी (Anderson-Tendulkar Trophy) के आखिरी टेस्ट में भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए सीरीज को 2-2 से बराबर कर लिया। लंदन के ओवल मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को महज 6 रन से हरा दिया। जीत के हीरो रहे मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj), जिन्होंने आखिरी दिन केवल 35 रन का बचाव करते हुए 3 विकेट चटका दिए। साथ ही प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) ने भी एक अहम विकेट लेकर टीम को जीत दिला दी।
इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक (Harry Brook) और जो रूट (Joe Root) ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए चौथे विकेट के लिए 194 रन की साझेदारी की। एक समय लग रहा था कि इंग्लैंड यह मैच आसानी से जीत जाएगा। लेकिन जैसे ही ये दोनों आउट हुए, भारत को वापसी का मौका मिल गया। हैरी ब्रूक ने इस सीरीज में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और कुल 481 रन बनाए। उनके दमदार खेल को देखते हुए भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर ने उन्हें “प्लेयर ऑफ द सीरीज” घोषित किया।
मैच के बाद बातचीत करते हुए ब्रूक ने कहा: “मुझे पूरा विश्वास था कि हम यह मैच सुबह आसानी से जीत लेंगे। लेकिन सिराज ने जैसी गेंदबाज़ी की, वो सच में जीत के असली हकदार थे। मुझे लगा था कि रोलर चलने के बाद पिच सपाट हो जाएगी, लेकिन बादलों की वजह से गेंदबाज़ों को काफी मदद मिली।”
उन्होंने आगे कहा: “हम जब तक रूट और मैं क्रीज पर थे, तब तक मैच हमारे हाथ में लग रहा था। लेकिन सिराज और कृष्णा ने गेम पलट दिया। वोक्स किसी भी हालत में खेलने आते, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि हम जीत नहीं सके।” ब्रूक ने माना कि इस सीरीज में कई उतार-चढ़ाव आए और इसी कारण इसका ऐसा रोमांचक अंत एकदम “फिटिंग एंड” (उचित अंत) था।
मोहम्मद सिराज ने इस सीरीज में जबरदस्त गेंदबाज़ी की और कुल 23 विकेट चटकाए। वह हर मैच में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे और आखिरी मैच में भी उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें टीम इंडिया की रीढ़ माना जाता है।

