
ओवैसी ने कहा कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए समाज में नफरत फैला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर ओवैसी ने कहा कि यह बयान लोगों को डराने और गुमराह करने के लिए दिया गया है। उन्होंने झांसी में बच्चों की जान बचाने वाले याकूब का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री उनके सामने भी ऐसा बयान दे सकते थे।
सपा और आरएलडी पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि ये दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री होने के बावजूद दंगे से प्रभावित लोग टेंटों में रहने को मजबूर थे, जबकि सैफई में जश्न मनाया जा रहा था।
इसके अलावा, ओवैसी ने वक्फ संपत्तियों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए वक्फ बिल को “काला कानून” बताया। उनका कहना था कि इस कानून के लागू होने से वक्फ संपत्तियों पर जिलाधिकारियों का कब्जा हो जाएगा, जिससे मुस्लिम समुदाय को नुकसान होगा। ओवैसी ने अपने भाषण में फिलिस्तीन का उदाहरण देते हुए मुस्लिम समुदाय को एकजुट होने की अपील की और कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ हमें अब अपनी आवाज उठानी होगी।
