
सीओ अनुज चौधरी पर लगाए गए आरोप:
सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ आरोप था कि उन्होंने अपने बयान से सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की थी। यह आरोप होली, अलविदा जुमा और ईद की सेंवईयों से जुड़े बयान को लेकर था। पूर्व आईपीएस अधिकारी और आज़ाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि सीओ ने सेवा नियमों और वर्दी संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है और धार्मिक मामलों पर बयानबाजी कर माहौल को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है।
सीओ अनुज चौधरी का पक्ष:
सीओ अनुज चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी धर्म विशेष की भावनाओं को आहत नहीं किया। उनके अनुसार, कुछ लोग उनके बयानों को राजनीतिक स्वार्थ के तहत तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे थे। जांच में दो स्थानीय नागरिकों ने भी उनके बयान को सही ठहराया, जिससे यह साबित हुआ कि उनकी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।
जांच में क्या निकला?
पुलिस विभाग द्वारा कराई गई जांच में एसपी लॉ एंड ऑर्डर मनोज कुमार अवस्थी ने पुष्टि की कि सीओ ने कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने केवल होली और जुमा की नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों से सहयोग की अपील की थी। जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाला कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।
इस आधार पर आईजी कानून व्यवस्था एलआर कुमार ने गृह विभाग को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी और बताया कि अनुज चौधरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इस निर्णय के बाद सीओ अनुज चौधरी पर लगे आरोपों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
