
सुबह से बंद बाजार और परेशान लोग
सुबह से ही सीकर शहर की सभी दुकानें बंद हैं। व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोली हैं। ऑटो रिक्शा चालक यूनियन ने भी बंद का समर्थन किया है, जिससे लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में परेशानी हो रही है।
सिर्फ जरूरी सेवाएं चालू
हालांकि, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, पेट्रोल पंप, डेयरी, खाद-बीज जैसी जरूरी सेवाएं चालू हैं। न्यायिक कार्य भी आज स्थगित रखे गए हैं।
धरने को 100 दिन पूरे
अधिवक्ताओं का आंदोलन अब तेज हो गया है। वे कलक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पिछले 100 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि सीकर को फिर से संभाग और नीमकाथाना को जिला बनाया जाए।
कानून व्यवस्था के कड़े इंतजाम
पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारी, मोबाइल टीम, सिग्मा बाइक टीम, कोबरा टीम आदि को तैनात किया है। एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा ने कहा कि जिले में शांति बनाए रखी जाएगी।
कई संगठनों का समर्थन
इस बंद को कई राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारी संगठनों ने समर्थन दिया है। समर्थन देने वालों में शामिल हैं:
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जिला कांग्रेस कमेटी
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माकपा
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राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी
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एनएसयूआई, एसएफआई, डीवाईएफआई
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व्यापार संघ, किसान सभा, शिक्षक संघ
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महिला समिति, भीम सेना, ऑटो यूनियन आदि
संघर्ष समिति ने आम जनता से अपील की है कि वे इस बंद को सफल बनाएं ताकि सरकार तक उनकी आवाज पहुंचे।
