
क्या हुआ घटना में:
- सुबह 10 बजे सबसे पहले पैंथर एक खेत में दिखा। उसने वहां काम कर रहे बजरंगलाल गुर्जर पर हमला किया।
- पैंथर झाड़ियों में छिप गया। सीसीटीवी फुटेज में उसकी गतिविधियां देखी गईं।
- शाम करीब 4:30 बजे जयपुर से आई वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने पैंथर को पकड़ने का प्रयास शुरू किया।
- पैंथर झाड़ियों से निकलकर खुले खेतों में दौड़ने लगा, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन:
- पैंथर को काबू में करने के लिए रेस्क्यू टीम ने उसे ट्रेंक्यूलाइज करने की योजना बनाई।
- थककर पैंथर एक आडू के पेड़ पर चढ़ गया, जहां उसे शाम 6 बजे ट्रेंक्यूलाइज कर बेहोश किया गया।
- बेहोशी के बाद पैंथर को रस्सी के जाल में बांधकर पिंजरे में रखा गया।
- इसके बाद पैंथर को वन विभाग कार्यालय ले जाया गया।
घायलों का इलाज:
- पैंथर के हमले में तीन लोग घायल हुए – सुभाष (38), लोकेश (21), और सुरेंद्र (24)।
- घायलों को कल्याण अस्पताल की ट्रॉमा यूनिट में भर्ती किया गया, जहां उनके टांके लगाए गए।
पैंथर को सुरक्षित छोड़ा:
- होश में आने के बाद पैंथर को पहाड़ी क्षेत्र में छोड़ा गया। वहां से वह गुर्राता हुआ जंगल की ओर चला गया।
पैंथर की पहचान:
- पकड़ा गया पैंथर चार साल का नर है और शारीरिक रूप से मजबूत है।
- एक महीने में यह दूसरी घटना है जब सीकर में पैंथर ने शहरी क्षेत्र में घुसकर आतंक मचाया।
वन विभाग और ग्रामीणों ने पैंथर को सुरक्षित पकड़ने के बाद राहत की सांस ली। इस घटना ने पैंथर के शहरी क्षेत्र में आने की बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
