
मायरे में दिए महंगे उपहार
जानकारी के अनुसार NRI कैलाश यादव अपनी बहन के घर मायरा लेकर पहुंचे। उन्होंने परंपरा के अनुसार परिवार के साथ मिलकर यह रस्म निभाई।
मायरे में उन्होंने लगभग 51 लाख रुपये नकद दिए। इसके साथ ही करीब 21 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण भी भेंट किए। इसके अलावा कपड़े, घरेलू सामान और कई अन्य उपहार भी दिए गए।
बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर मायरे की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये के आसपास है। इतने बड़े मायरे की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा होने लगी और यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।
क्या होता है मायरा (भात)
राजस्थान और खासकर शेखावाटी क्षेत्र में मायरा भरने की परंपरा बहुत पुरानी है। इस रस्म में लड़की के मामा अपनी बहन के घर शादी के मौके पर उपहार, कपड़े, नकद राशि और आभूषण लेकर जाते हैं।
यह परंपरा मामा के स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक मानी जाती है। इसके जरिए यह संदेश दिया जाता है कि बेटी का मायका हमेशा उसके साथ खड़ा है।
रिश्तों को मजबूत करने की परंपरा
ग्रामीण समाज में मायरा सामाजिक सम्मान से भी जुड़ा माना जाता है। आमतौर पर मायरे में कपड़े, मिठाई, आभूषण, घरेलू सामान और नकद राशि दी जाती है।
हर परिवार अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार मायरा भरता है। समय के साथ इसका स्वरूप भले ही बदल गया हो, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य परिवार के रिश्तों को मजबूत करना और खुशियां साझा करना ही माना जाता है।
