पाकिस्तान एक बार फिर पुराने ढर्रे पर लौट आया है। भारत के जवाबी एक्शन के बावजूद पाकिस्तान के नेता अब भी धमकी की राजनीति में जुटे हैं। ताजा मामला पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का है, जिन्होंने एक इंटरव्यू में भारत को चेतावनी भरे लहजे में बयान दिया है। उन्होंने भारत पर सीजफायर समझौते को खतरे में डालने का आरोप लगाया है और सिंधु जल संधि को लेकर भी विवाद बढ़ाने की कोशिश की है।
भारत के ऑपरेशन पर डार की टिप्पणी
CNN को दिए इंटरव्यू में डार ने भारत के ऑपरेशन “सिंदूर” को एकतरफा हमला बताते हुए इसे “युद्ध जैसा कदम” करार दिया। उनका दावा है कि पाकिस्तान की पारंपरिक सैन्य ताकत भारत का सामना करने में सक्षम है, और उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान ने हवाई संघर्ष में भारतीय वायुसेना के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें तीन राफेल भी थे। हालांकि, उनके इस दावे का कोई प्रमाण नहीं दिया गया।
सीजफायर को बताया खतरे में
डार ने सीजफायर को लेकर एक और विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ, तो मौजूदा संघर्षविराम खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने इसे “युद्ध की स्थिति” जैसा बताते हुए कहा कि पाकिस्तान अब भी परमाणु विकल्प पर विचार नहीं कर रहा, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो “हर विकल्प” खुला रहेगा।
भारत पर आरोप, लेकिन सच्चाई अलग
विदेश मंत्री डार ने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हो रहा। लेकिन भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान की सेना के DGMO ने खुद संपर्क कर सीजफायर की पहल की थी। इससे डार की बातों की सच्चाई पर सवाल उठते हैं।
पुरानी आदतें नहीं बदलीं
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से भारत को लेकर इस तरह की बयानबाज़ी की गई हो। इससे पहले भी कई पाकिस्तानी नेता भारत को परमाणु हमले की गीदड़भभकी दे चुके हैं। बावजूद इसके, भारत अब भी अपने रुख पर अडिग है कि वह आक्रामक नहीं, बल्कि आत्मरक्षा में हर कदम उठाता है।

