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सीज़फायर से पहले फ्रांसीसी सेना ने रोके ईरान के ड्रोन, रक्षा मंत्री ने दी पुष्टि

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पेरिस:
फ्रांस के रक्षा मंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने बुधवार देर रात संसद में एक चर्चा के दौरान बताया कि ईरान और इज़राइल के बीच हुए 12-दिवसीय संघर्ष के दौरान फ्रांसीसी सेना ने इज़राइल पर हमला करने वाले ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया था।

लेकोर्नू ने कहा:

“मैं पुष्टि करता हूं कि फ्रांसीसी सेना ने पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा इज़राइल पर किए गए हमलों के दौरान 10 से कम ड्रोन को रोकने में सफलता प्राप्त की। ये कार्रवाई हमारे ग्राउंड-टू-एयर डिफेंस सिस्टम और राफेल लड़ाकू विमानों के जरिए की गई।”


ईरान ने दागे 1,400 हथियार

रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि ईरान ने इस संघर्ष के दौरान लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 ड्रोन इज़राइल की ओर दागे थे।
यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब इज़राइल ने 13 जून को ईरान पर हवाई हमले शुरू किए। इज़राइल का कहना था कि उसका लक्ष्य ईरान की परमाणु क्षमता को समाप्त करना था।

इन हमलों में ईरान की सैन्य कमान के कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए और कुछ परमाणु वैज्ञानिकों की भी मौत हुई। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 610 लोगों की जान गई, जबकि लगभग 5,000 लोग घायल हुए।


तेहरान का जवाबी हमला और फिर युद्धविराम

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन इज़राइल पर दागे। इन हमलों में कम से कम 28 इज़राइली नागरिक मारे गए, जबकि सैकड़ों इमारतों को नुकसान हुआ।
आख़िरकार मंगलवार को एक अंतरराष्ट्रीय युद्धविराम समझौता लागू हुआ, जिससे संघर्ष को विराम मिला।


फ्रांस की सक्रियता क्या दर्शाती है?

फ्रांस का यह हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि मध्य पूर्व की स्थिति अब केवल क्षेत्रीय नहीं रही, बल्कि यूरोपीय देशों की सुरक्षा और रणनीतिक चिंताओं से भी जुड़ चुकी है।
रक्षा मंत्री के अनुसार, फ्रांस ने यह कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए की, न कि किसी पक्ष विशेष का समर्थन करने के लिए।

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