
निवेशकों के 7.6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप भी 400 लाख करोड़ रुपए से कम हो गया। इस गिरावट के पीछे कई कारण थे, जैसे कि:
- लोकसभा चुनाव: बाजार में लोकसभा चुनाव की जीत की उम्मीद के कारण बहुत समय से बढ़ा हुआ था, और अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने इस महीने भारी मात्रा में शेयर बेचा, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
- इंडेक्स हैवीवेट में बिकवाली: कुछ बड़े शेयर जैसे कि HDFC बैंक और लार्सन एंड टुब्रो मार्केट क्रैश में टॉप कॉन्ट्रीब्यूटर रहे।
इसके अलावा, आधार हाउसिंग फाइनेंस और TBO टेक कंपनी के IPO में निवेश का मौका भी आया है, जो कि बाजार में चल रहे चुनावों और अन्य अनिश्चितताओं के बीच एक और चुनौती है।
