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सैम ऑल्टमैन के ‘OpenAI टैलेंट की चोरी’ के आरोप पर मेटा CTO ने दिया तीखा जवाब: “ये बेईमानी है”

_Sam Altman_

नई दिल्ली:
AI की दुनिया में वर्चस्व की जंग अब शब्दों के युद्ध में बदलती जा रही है। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में दावा किया था कि मेटा (Meta) – जो फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी है – उनके टॉप AI रिसर्चर्स को लुभाने के लिए $100 मिलियन (लगभग ₹835 करोड़) के भारी-भरकम ऑफर दे रही है।

अब मेटा के CTO एंड्रयू बोसवर्थ ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए ऑल्टमैन पर “जानबूझकर गुमराह करने” का आरोप लगाया है।


“सैम बेईमानी कर रहे हैं” – एंड्रयू बोसवर्थ

The Verge की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा की एक आंतरिक मीटिंग में CTO एंड्रयू बोसवर्थ ने कहा:

“सैम यहां साफ तौर पर बेईमानी कर रहे हैं। वह ऐसा दिखा रहे हैं जैसे हम हर किसी को ऐसे ऑफर दे रहे हैं, जो सच नहीं है। बाज़ार गर्म है, लेकिन उतना नहीं जितना वो दिखा रहे हैं।”

बोसवर्थ ने कहा कि ऑल्टमैन के दावे के पीछे वजह ये है कि मेटा अब OpenAI से टैलेंट हासिल करने में सफल हो रही है, और ऑल्टमैन इससे असहज हैं।


ऑल्टमैन का दावा: “$100 मिलियन साइनिंग बोनस”

Uncapped पॉडकास्ट में एक इंटरव्यू के दौरान सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि मेटा ने उनके टीम के कई लोगों को “100 मिलियन डॉलर से ज़्यादा के सालाना पैकेज” की पेशकश की है।
उन्होंने कहा:

“उन्होंने हमारी टीम के कई लोगों को बेहद भारी रकम ऑफर की — साइनिंग बोनस के रूप में भी और सालाना मुआवज़े में भी।”

हालांकि, तीन प्रमुख पूर्व OpenAI रिसर्चर्स — Xiaohua Zhai, Alexander Kolesnikov और Lucas Beyer — जो अब मेटा में हैं, उन्होंने इन दावों को “फेक न्यूज़” बताते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर खंडन किया।


AI सुपरइंटेलिजेंस की दौड़: मेटा बनाम OpenAI

OpenAI और Meta के बीच अब सुपरइंटेलिजेंस-AI की रेस तेज़ हो चुकी है — ऐसी AI जो मानव स्तर से अधिक ज्ञान, स्मृति और तर्क क्षमता रखे।

Meta के CEO मार्क ज़ुकरबर्ग ने हाल ही में इस दिशा में आक्रामक निवेश किया है:


OpenAI से मेटा में हुए ताज़ा ट्रांज़िशन

रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI के वरिष्ठ AI शोधकर्ता Trapit Bansal, जिन्होंने 2022 से कंपनी में काम किया और उसके शुरुआती reasoning मॉडल पर काम किया था, हाल ही में मेटा में शामिल हो गए हैं।


निष्कर्ष:

AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभा और नैरेटिव की लड़ाई भी बन चुकी है। सैम ऑल्टमैन और मेटा के बीच यह बयानबाज़ी इस बात का संकेत है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य किसके हाथों में होगा, यह सवाल अब और भी जटिल हो गया है।

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