
निवेश का सही फैसला लेने के लिए दो अहम फॉर्मूले मददगार माने जाते हैं:
निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो और गोल्ड-सिल्वर रेश्यो।
क्या है निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो?
इस समय निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो लगभग 1.63 है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब यह रेश्यो 2.50 से नीचे होता है, तो इसका मतलब है कि सोना महंगा और शेयर बाजार सस्ता माना जाता है।
इस स्थिति में इक्विटी यानी शेयरों में निवेश को बेहतर माना जा सकता है। मौजूदा स्तर को देखते हुए विशेषज्ञ शेयर बाजार में ज्यादा निवेश की सलाह दे रहे हैं।
क्या है गोल्ड-सिल्वर रेश्यो?
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो से पता चलता है कि सोना और चांदी में से कौन ज्यादा महंगा या सस्ता है।
अभी यह रेश्यो लगभग 61 के आसपास है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
-
अगर यह रेश्यो 80 से ऊपर जाए, तो चांदी में निवेश करना बेहतर होता है।
-
अगर यह 80 से नीचे रहे, तो सोने को प्राथमिकता दी जाती है।
चूंकि अभी यह 80 से काफी नीचे है, इसलिए चांदी की बजाय सोने में निवेश बेहतर माना जा रहा है।
फिलहाल किसमें ज्यादा निवेश करें?
मौजूदा बाजार स्थिति में विशेषज्ञों की राय है कि:
-
सबसे ज्यादा निवेश शेयर बाजार (इक्विटी) में करें।
-
उसके बाद सोने में निवेश करें।
-
चांदी में कम हिस्सा रखें।
जोखिम वाले निवेश का आसान फॉर्मूला
एक आसान नियम यह है कि अपनी उम्र को 100 में से घटा लें।
जितना परिणाम आए, उतना प्रतिशत जोखिम वाले एसेट (जैसे शेयर, गोल्ड, सिल्वर) में निवेश किया जा सकता है।
उदाहरण:
अगर आपकी उम्र 35 साल है, तो 100 – 35 = 65%
यानी 65% निवेश जोखिम वाले एसेट में और बाकी 35% सुरक्षित या डेट एसेट में रखें।
यह तरीका उम्र बढ़ने के साथ जोखिम कम करने में मदद करता है।
नोट: यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
