स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पढ़ाई फिर शुरू कराएगी सरकार, MP में ‘शिक्षा घर योजना’ को मंजूरी
मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में ‘शिक्षा घर योजना’ को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान कर उन्हें फिर से स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, योजना के तहत गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में विशेष सर्वे किया जाएगा। इसमें उन बच्चों की सूची तैयार की जाएगी जो आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से स्कूल नहीं जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि योजना के जरिए बच्चों को केवल स्कूल तक लाना ही नहीं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई से जोड़कर रखना भी प्राथमिकता होगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, शिक्षकों और अभिभावकों की मदद ली जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना काल और आर्थिक समस्याओं के कारण कई बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉपआउट की समस्या अधिक देखने को मिली। नई योजना से ऐसे बच्चों को फिर से शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
योजना के तहत जरूरतमंद छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा सकता है। शिक्षा विभाग इस बात पर भी ध्यान देगा कि बच्चे दोबारा स्कूल छोड़ने की स्थिति में न पहुंचे।
सरकार का दावा है कि ‘शिक्षा घर योजना’ राज्य में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

