CBSE री-इवैल्यूएशन में छात्रों का हंगामा
OSM पोर्टल पर धुंधली कॉपी जांचने का आरोप, वेबसाइट क्रैश; ₹100 की जगह ₹8000 फीस मांगने का दावा
channel_009 | एजुकेशन अलर्ट
CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर देशभर के छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम में टीचर्स को धुंधली और अस्पष्ट कॉपियां दिखाई गईं, जिससे मूल्यांकन प्रभावित हुआ।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि कई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी इतनी खराब क्वालिटी की थी कि जवाब साफ पढ़ना मुश्किल था। इसके कारण नंबर कम मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
इसी बीच CBSE की वेबसाइट भी भारी ट्रैफिक के चलते कई बार क्रैश हो गई। री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका देखने के लिए लॉगिन करने वाले छात्रों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा विवाद फीस को लेकर खड़ा हुआ है। छात्रों का आरोप है कि जहां पहले री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए करीब ₹100 फीस लगती थी, वहीं अब कुछ मामलों में ₹8000 तक की राशि मांगी जा रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है।
कई छात्रों ने मांग की है कि CBSE इस पूरे सिस्टम की जांच कराए और धुंधली कॉपियों के कारण प्रभावित हुए छात्रों को दोबारा निष्पक्ष मूल्यांकन का मौका दे।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में तकनीकी गुणवत्ता बेहद अहम होती है। यदि स्कैनिंग सही न हो, तो छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
अब सभी की नजर CBSE की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

