
आधुनिक तकनीक से बढ़ा उत्पादन
इस खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जैसे—
- मल्चिंग (प्लास्टिक कवर से खेती)
- ड्रिप सिंचाई (पानी की बचत के साथ सिंचाई)
- अच्छी क्वालिटी के पौधे
- संतुलित खाद और पोषक तत्व
इन तरीकों से कम खर्च में ज्यादा और अच्छी गुणवत्ता की फसल मिल रही है।
किसानों को मिल रही ट्रेनिंग
इस प्रोजेक्ट में किसानों को भी सिखाया जा रहा है कि कैसे—
- खेत तैयार करें
- पौधे लगाएं
- सही तरीके से सिंचाई करें
- फसल को सुरक्षित रखें
इससे किसान अपने खेत में भी यह खेती करके ज्यादा कमाई कर सकते हैं।
कमाई बढ़ाने की नई योजना
विश्वविद्यालय अब स्ट्रॉबेरी से जुड़े उत्पाद जैसे—
- जैम
- जूस
- अन्य फूड प्रोडक्ट
बनाने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बना रहा है। इससे किसानों को और ज्यादा मुनाफा मिलेगा।
किसानों के लिए नई राह
यह मॉडल दिखाता है कि अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों और तकनीकों को अपनाएं, तो कम जमीन में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक और आधुनिक विकल्प बनकर सामने आ रही है।
