भारतीय फुटबॉल में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्पेन के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जावी हर्नांडेज़ ने भारत की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम के कोच बनने की इच्छा जताई है। उन्होंने AIFF (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) को इस पद के लिए अपना आवेदन भी भेजा है। लेकिन इस खबर के बाद एक और बड़ी बात सामने आई है – AIFF के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे जावी जैसे बड़े नाम को हायर कर सकें।
जावी हर्नांडेज़ स्पेन के महानतम फुटबॉलर्स में गिने जाते हैं। वे बार्सिलोना और स्पेन की नेशनल टीम के लिए मिडफील्डर के रूप में खेले और कई बड़ी ट्रॉफियाँ जीतीं। उनके नेतृत्व में बार्सिलोना ने कई बार UEFA चैंपियंस लीग, ला लीगा और फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीते। खिलाड़ी के तौर पर सफलता के बाद उन्होंने कोचिंग में कदम रखा और कतर की टीम अल-सद को भी ट्रेन किया। सूत्रों के अनुसार, जावी को भारत में फुटबॉल की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और युवा टैलेंट को लेकर दिलचस्पी है। वे भारतीय टीम को एक नई दिशा देना चाहते हैं और अपनी रणनीति से टीम को मजबूत बनाना चाहते हैं। जावी मानते हैं कि भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्जवल है।
हालांकि, जावी का आवेदन आना भारत के लिए गर्व की बात है, लेकिन AIFF के पास इतना फंड नहीं है कि वे उनकी सैलरी और सुविधाएं दे सकें। जावी जैसे कोच को हायर करना करोड़ों रुपये का खर्च होता है, और AIFF फिलहाल बजट की तंगी से गुजर रहा है। AIFF फिलहाल इस स्थिति पर विचार कर रहा है। कुछ स्पॉन्सर्स से बात की जा रही है ताकि फंड जुटाया जा सके। अगर ऐसा होता है तो हो सकता है कि भारतीय फुटबॉल टीम को एक विश्व स्तरीय कोच मिल जाए।
अगर जावी हर्नांडेज़ जैसे बड़े नाम कोचिंग करते हैं, तो यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। लेकिन बजट की समस्या एक बड़ी चुनौती है। अब देखना यह है कि AIFF इसका हल निकाल पाता है या नहीं।

