स्पेन में वेतन बढ़ाने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर हजारों शिक्षक सड़कों पर उतर आए। देश के कई शहरों में हुए इस बड़े प्रदर्शन का असर स्कूलों और कॉलेजों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 5 लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले उनकी सैलरी में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने काम के बढ़ते दबाव, स्टाफ की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई।
राजधानी मैड्रिड समेत कई बड़े शहरों में शिक्षकों ने रैलियां और मार्च निकाले। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
शिक्षक संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से सरकार को मांगों से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से उन्हें हड़ताल और प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताल के कारण कई स्कूलों में कक्षाएं बंद रहीं और परीक्षाओं व शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा। अभिभावकों और छात्रों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्पेन सरकार ने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि शिक्षकों की मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के कारण सरकारी कर्मचारियों के बीच वेतन बढ़ाने की मांग तेज हो रही है।
फिलहाल स्पेन में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करने के लिए सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच बातचीत जारी है।

