
क्षेत्र के लोगों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्लीमनाबाद एक बड़ा व्यापारिक और शैक्षणिक क्षेत्र है, लेकिन यहां प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को दूसरे स्टेशनों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों का नुकसान होता है।
इन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग
आंदोलन के दौरान लोगों ने खासतौर पर तीन ट्रेनों के स्लीमनाबाद स्टेशन पर ठहराव की मांग की। इनमें
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रीवा–इतवारी एक्सप्रेस
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जबलपुर–अंबिकापुर इंटरसिटी
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जबलपुर–सिंगरौली इंटरसिटी
शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
ट्रैक की ओर बढ़े आंदोलनकारी
आंदोलन के दौरान कुछ लोग रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और स्टेशन के बाहर बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद प्रशासनिक और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांत कराया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
रेलवे और प्रशासन के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को बताया कि उनकी मांगों को रेलवे बोर्ड तक भेज दिया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रीवा–इतवारी एक्सप्रेस के स्लीमनाबाद स्टेशन पर ट्रायल के तौर पर ठहराव की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द इसकी आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।
इसके अलावा जबलपुर–अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर–सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।
15 दिन का अल्टीमेटम
लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। हालांकि ग्राम विकास संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में समिति के पदाधिकारी, कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। उनका कहना है कि यह मांग कई वर्षों से लंबित है और अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
