
सर्वेक्षण में अहम है रात्रिकालीन सफाई
इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल 9500 अंकों में से 5705 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस पर आधारित हैं। इस बिंदु में शहरी इलाकों की सफाई और सुधार को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन, रात्रिकालीन सफाई की स्थिति बेहद कमजोर है। सड़क किनारे और डिवाइडरों की सफाई के लिए कर्मचारियों और मशीनों का नियमित इस्तेमाल जरूरी है। इससे नगर निगम को बेहतर अंक मिल सकते हैं।
बैकलेन पर फोकस करना होगा
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार बैकलेन (घरों के पीछे की गलियों) पर विशेष ध्यान दिया गया है। कई लोग घरों का कचरा छत से पीछे की गलियों में फेंक देते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए निगम की टीम को घर-घर जाकर लोगों को समझाना होगा। इससे न केवल लोगों की आदतें सुधरेंगी, बल्कि नगर निगम के अंक भी बढ़ेंगे।
कचरा संग्रहण में उपलब्ध वाहन
- 64 ट्रिपर वाहन
- 4 ई-रिक्शा और 8 ट्रैक्टर
- 4 डंपर (परासिया रोड से जामुनझिरी तक)
नगर निगम को सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए इन वाहनों और संसाधनों का सही इस्तेमाल करना होगा, तभी स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन संभव है।
