
स्वच्छता सर्वे के लिए शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण
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राज्य शहरी विकास अभिकरण की टीम शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रही है।
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टीम तीन दिनों तक सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी और रिपोर्ट दिल्ली भेजेगी।
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दिल्ली की टीम बिना सूचना के कभी भी शहर का निरीक्षण कर सकती है।
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टीम लोगों से सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और नालियों की सफाई पर फीडबैक ले रही है।
स्वच्छता सुधार के लिए नगर पालिका की रणनीति
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नगर पालिका स्वच्छता सर्वे में फाइव स्टार रैंकिंग लाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
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सफाई कर्मचारियों को वार्ड में जाकर लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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गीले और सूखे कचरे को अलग करने की अपील की जा रही है।
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दिल्ली की टीम किसी भी स्थान पर सफाई की जांच कर सकती है।
सफाई कर्मचारियों की नई हाजिरी व्यवस्था
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नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू के निर्देश पर सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की नई व्यवस्था लागू की गई है।
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अब सफाई कर्मचारी अपने वार्ड के पार्षद के घर पर हाजिरी देंगे।
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हर पार्षद के घर पर मासिक उपस्थिति पत्रक रखा जाएगा, जिसमें कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।
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सभी सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त सफाई उपकरण और पहचान पत्र दिए जाएंगे।
शहर की सफाई व्यवस्था
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महासमुंद नगर पालिका में 117 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं।
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महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करती हैं।
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प्रतिदिन 13 टन कचरा निकाला जाता है, जिसमें 6 टन सूखा और 7 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है।
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कचरा को एसएलआरएम सेंटर ले जाकर छांटा जाता है।
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नगर पालिका प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए अभियान चला रही है।
स्वच्छता सर्वे में नंबर 1 बनने का प्रयास
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पिछली बार महासमुंद को 50 हजार से 1 लाख की आबादी वाले शहरों में पहला स्थान मिला था।
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इस बार भी स्वच्छता सर्वे में अव्वल आने के लिए नगर पालिका प्रयास कर रही है।
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सफाई कर्मियों ने कबाड़ से उपयोगी सामान तैयार किया है, जिसे गुरु गोविंद सिंह उद्यान में रखा गया है।
जागरूकता अभियान और सफाई की हकीकत
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नगर पालिका की टीम दीवार लेखन कर लोगों को जागरूक कर रही है।
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लेकिन शहर के कई इलाकों में अभी भी सफाई व्यवस्था कमजोर है।
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सब्जी बाजार और अन्य स्थानों पर कचरा बिखरा हुआ है, नालियां जाम हैं और डस्टबिन गायब हैं।
स्वच्छता सर्वे में अच्छी रैंकिंग लाने के लिए नगर पालिका पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने की अभी भी जरूरत है।
