
अभियान की तैयारियों की समीक्षा
शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में हुई बैठक में मिशन निदेशक डॉ. भारती दीक्षित, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला और जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने अभियानों की तैयारी की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को समय पर जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए।
डायरिया से बचाव के लिए विशेष कदम
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आशा सहयोगिनियां घर-घर जाकर लोगों को ओआरएस और जिंक टैबलेट बांटेंगी।
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सभी अस्पतालों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर बनाए जाएंगे और क्लोरीन टैबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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हाथ धोने, साफ पानी पीने और स्वच्छता के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अंत्योदय संबल पखवाड़ा में ये सुविधाएं मिलेंगी
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30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की बीपी और डायबिटीज की जांच।
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गर्भवती महिलाओं की जांच, टीबी की पहचान और टीकाकरण।
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यूडीआईडी कार्ड का वितरण उन लोगों को किया जाएगा, जिनके कार्ड अभी लंबित हैं।
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वय वंदन योजना में पंजीकरण की सुविधा।
प्रचार-प्रसार और जागरूकता
अधिकारियों ने कहा कि मीडिया और प्रचार माध्यमों के जरिए अभियान की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष:
‘स्टॉप डायरिया अभियान’ और ‘अंत्योदय संबल पखवाड़ा’ का मकसद है – बरसाती बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाना। सरकार की यह पहल रोगों की रोकथाम के साथ आमजन की सेहत सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
