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हमास से बातचीत जारी, इधर अचानक गायब हुए नेतन्याहू – पीएम ऑफिस में मचा हड़कंप

natanyahu

तेल अवीव: जब एक ओर गाजा में इजराइल और हमास के बीच संघर्षविराम की कोशिशें चल रही थीं, उसी वक्त प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अचानक प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुपस्थिति ने देश भर में हलचल मचा दी। कुछ ही देर में खबर आई कि नेतन्याहू को अस्पताल ले जाया गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों और मीडिया में कयासों का दौर शुरू हो गया।


अस्पताल में नियमित जांच या कुछ और?

सरकारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू नियमित मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचे हैं, लेकिन बाद में साफ हुआ कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें बेहोश (सेडेट) किया जाएगा, जिससे उनकी स्थिति को लेकर चिंता और भी गहरा गई।


कार्यवाहक पीएम की तैनाती

इस बीच, इजराइल सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न्याय मंत्री और उप-प्रधानमंत्री यारिव लेविन को अस्थायी प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। जब तक नेतन्याहू ऑपरेशन थिएटर में रहेंगे, शासन की कमान उनके हाथ में होगी। इसके अलावा, रक्षा मंत्री योआव गैलेंट को सुरक्षा मामलों की कमान सौंपी गई है। वे इस दौरान सुरक्षा कैबिनेट की अगुवाई भी करेंगे।


पहले भी झेल चुके हैं स्वास्थ्य संकट

यह पहला मौका नहीं है जब नेतन्याहू को मेडिकल प्रक्रिया के लिए बेहोश किया गया हो।

उन्हें पहले पेसमेकर लगाया जा चुका है और दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या (हार्ट कंडक्शन डिसऑर्डर) भी सामने आई थी।


हेल्थ रिपोर्ट्स पर उठते सवाल

इजराइल में नियम है कि प्रधानमंत्री को हर साल अपनी स्वास्थ्य रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होती है। लेकिन नेतन्याहू ने 2016 से 2022 तक कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। जनवरी 2023 में आई एकमात्र रिपोर्ट में उन्हें “पूर्णतः स्वस्थ” बताया गया था। 2024 की अब तक कोई मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आई, जिससे उनकी सेहत को लेकर संदेह और भी गहरे हो गए हैं।


राजनीतिक संवेदनशीलता और स्वास्थ्य पारदर्शिता पर बहस

गाजा में युद्ध जैसे हालात और हमास के साथ चल रही सीजफायर बातचीत के बीच प्रधानमंत्री की अचानक अनुपस्थिति ने राजनीतिक स्थिरता और पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की स्थिति में नागरिकों और सहयोगी देशों के लिए प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य जानकारी सार्वजनिक होना बेहद आवश्यक है।

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