गाजा पट्टी से दागे गए तीन रॉकेटों ने मंगलवार को इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया। रॉकेट हमलों की जिम्मेदारी फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने ली है, जिससे यह साफ हो गया है कि गाजा में हमास के कमजोर पड़ने के बावजूद, खतरा पूरी तरह टला नहीं है। बल्कि अब एक और चरमपंथी संगठन इजराइल के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है।
अश्कलोन में गूंजी सायरन की आवाज
दक्षिणी इजराइल के अश्कलोन शहर और उसके आसपास मंगलवार शाम सायरन बजने लगे, जब गाजा से दागे गए रॉकेट आसमान में नजर आए। इजराइल की वायु रक्षा प्रणाली ने दो रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि एक रॉकेट खुले इलाके में गिरा। गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
इस्लामिक जिहाद: एक और बड़ा सिरदर्द
वाल्ला न्यूज के अनुसार, इन हमलों की जिम्मेदारी फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने ली है — जो गाजा में सक्रिय सबसे खतरनाक गुटों में से एक है। जब हमास लगातार इजराइली जवाबी कार्रवाई से पस्त होता जा रहा है, ऐसे में यह नया उभार इजराइल के लिए एक गंभीर सुरक्षा संकट का संकेत है।
इस संगठन की बढ़ती ताक़त और उसके रॉकेट लॉन्चिंग की क्षमता इशारा करती है कि गाजा पर भारी बमबारी और 19 महीनों की जंग के बाद भी खतरा अभी टला नहीं है।
हूती भी जारी रखे हैं हमले
इजराइल पर सिर्फ गाजा से ही नहीं, बल्कि यमन से भी खतरा बना हुआ है। हूती विद्रोहियों ने सीजफायर के बावजूद मंगलवार को एक बार फिर मिसाइल दागी, जिससे तेल अवीव में हड़कंप मच गया। सायरनों की आवाज से शहर गूंज उठा और लोग बंकरों की ओर भागते देखे गए।
हमास की पुरानी हरकतें भी याद
हाल ही में अप्रैल महीने में हमास ने भी लगभग 10 रॉकेट इजराइली सीमा की ओर दागे थे। अशदोद और अश्कलोन में सायरन बजने लगे थे और एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल भी हुआ था। इन घटनाओं के बाद इजराइल की सतर्कता और बढ़ गई है।

