
बिना सुरक्षा, बिना काफिले वृंदावन यात्रा
बुधवार को निशांत कुमार अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचे। इस दौरान न उनके साथ कोई बॉडीगार्ड था और न ही पुलिस की सुरक्षा। वे साधारण कपड़े और चप्पल पहनकर ई-रिक्शा से मंदिरों में दर्शन करते नजर आए। न कोई लग्जरी गाड़ी थी और न ही VIP प्रोटोकॉल।
आम भक्त की तरह किए दर्शन
निशांत कुमार की यह यात्रा पूरी तरह निजी और धार्मिक थी। उन्होंने अपने परिवार के साथ वृंदावन के कई मंदिरों में दर्शन किए और यमुना नदी के किनारे कुछ समय शांति से बिताया। वे तंग गलियों में आम लोगों के बीच घुल-मिलकर घूमते दिखे, जिससे कई लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
ई-रिक्शा में बैठे और सादगी भरे अंदाज में घूमते निशांत कुमार की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उनकी सरल जीवनशैली की तारीफ कर रहे हैं।
लाइमलाइट से दूर रहते हैं निशांत कुमार
20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत कुमार, नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं। वे आमतौर पर राजनीति और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते हैं। राजनीति में आने को लेकर अटकलें जरूर लगती रही हैं, लेकिन उन्होंने अब तक खुद को इससे अलग ही रखा है।
तेज प्रताप यादव का बयान
इस पूरे मामले पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा,
“अच्छी बात है अगर वो वृंदावन गए हैं। उन्हें पहले जाना चाहिए था। हम इन जगहों पर पहले घूम चुके हैं। अब उन्होंने घूमना शुरू किया है, यह अच्छी बात है।”
निशांत कुमार की यह यात्रा दिखाती है कि सादगी और शांत जीवनशैली आज भी लोगों का दिल जीत सकती है।
