लाहौर/कसूर: पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को पनाह देने के आरोपों से घिरा रहा है, लेकिन अब इन आरोपों की पुष्टि खुद आतंकियों के बयान से होती नजर आ रही है। हाल ही में आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपनी बातों से न केवल भारत के खिलाफ विषवमन किया, बल्कि अनजाने में पाकिस्तान की आतंकी संरचना का भी पर्दाफाश कर दिया।
कसूर में हुआ आतंकियों का जलसा, कई वॉन्टेड चेहरे मौजूद
यह पूरा मामला लाहौर से 50 किलोमीटर दूर कसूर का है, जहां एक धार्मिक जलसे में यूएन की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल आतंकियों का जमावड़ा लगा। इसी भीड़ में शामिल था तल्हा सईद, जिसने मंच से भारत के खिलाफ उकसाऊ भाषण दिया। जलसे के दौरान भारत पर “जंग का पैंतरा बदलने” का आरोप लगाते हुए उसने कहा कि पाकिस्तान किसी भी हमले का जवाब देने को तैयार है।
‘हिंदुस्तान बकवास करता है’, भारत विरोधी भाषण से उबला जहर
तल्हा ने दावा किया कि भारत को 10 मई को शिकस्त का सामना करना पड़ा और अब वह पाकिस्तान के अंदर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। उसने कहा, “पाकिस्तान की माली हालत बेहतर है और हिंदुस्तान सिर्फ बकवास करता है।” उसने आगे कहा, “अल्लाह ताला पाकिस्तान की हिफाजत खुद करेगा और हमारी खुफिया एजेंसियों को हर साजिश की खबर है।”
‘हाफिज सईद को नहीं सौंपेंगे, सेना हमारे साथ है’
सबसे अहम बात यह रही कि तल्हा ने अपने पिता हाफिज सईद का जिक्र करते हुए यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान की सरकार और सेना उसे समर्थन दे रही हैं। उसने कहा, “हाफिज सईद जेल में जरूर है, लेकिन सुरक्षित है और उसका जीवन सामान्य से भी बेहतर है। हम उसे भारत को सौंपने वाले नहीं हैं।”
बोल-चाल में ही कर दी पोल खोल
इस पूरे भाषण से एक बात बिल्कुल स्पष्ट हो गई कि पाकिस्तान में आतंकियों को कैसे संरक्षण मिलता है और उन्हें राजनीतिक तथा सैन्य छत्रछाया किस हद तक हासिल है। तल्हा सईद की यह स्वीकारोक्ति पाकिस्तान की ‘डबल पॉलिसी’ को उजागर करती है—जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बात होती है और दूसरी ओर आतंकी खुलेआम जलसे करते हैं।
भारत की सतर्कता बनी मजबूरी
भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और कूटनीतिक आक्रामकता के बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठनों में घबराहट साफ देखी जा रही है। ऐसे जलसे इस बात के प्रमाण हैं कि आतंकी संगठनों की कमर टूट रही है, लेकिन वे अब भी पाकिस्तान की छांव में जिंदा हैं।

