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हिमाचल के शहरी बिजली कंज्यूमर को झटका:किराएदारों की सब्सिडी खत्म; लैंडलॉर्ड को राहत बरकरार, अप्रैल में जिनका बिल ₹750, मई में ₹1850 दिया

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हिमाचल में बिजली बिल ने बढ़ाई किराएदारों की टेंशन

शहरी उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म, अप्रैल में ₹750 देने वालों को मई में आया ₹1850 का बिल

हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार की नई व्यवस्था के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले किराएदारों की बिजली सब्सिडी खत्म कर दी गई है। इस फैसले के बाद हजारों लोगों के बिजली बिल में अचानक भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अप्रैल महीने में जहां उनका बिजली बिल करीब ₹750 आया था, वहीं मई में वही बिल बढ़कर ₹1850 तक पहुंच गया। गर्मी के मौसम में पहले से बढ़ी बिजली खपत के बीच यह अतिरिक्त बोझ लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने किराए पर रहने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी दायरे से बाहर कर दिया है, जबकि मकान मालिकों यानी लैंडलॉर्ड्स को पहले की तरह राहत जारी रखी गई है। इसी फैसले को लेकर अब शहरी इलाकों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।

मध्यम वर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि किराया, महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च के बीच बिजली बिल का अचानक बढ़ना बजट पर सीधा असर डाल रहा है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने बढ़े हुए बिजली बिल की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में AC, कूलर और पंखों के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की खपत पहले ही बढ़ जाती है। ऐसे में सब्सिडी खत्म होने का असर सीधे घरेलू खर्च पर दिखाई देगा।

विपक्षी दलों ने भी सरकार के फैसले को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि किराएदारों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। वहीं सरकार का पक्ष है कि सब्सिडी को व्यवस्थित और जरूरतमंद वर्ग तक सीमित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

फिलहाल, राज्यभर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

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