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हेल्थ विभाग में रैंकिंग सिस्टम लागू, नए मानकों के आधार पर होगी जिलों की परख

जयपुर। राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों का रैंकिंग सिस्टम के तहत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए नए मानक तैयार किए जाएंगे, जिन पर सभी जिलों को खरा उतरना होगा। अगर किसी जिले का प्रदर्शन औसत से कम रहा तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी। यह निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए।

जांच मशीनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करें

प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी जिलों में जांच मशीनों का सही तरीके से उपयोग होना चाहिए। अगर मानव संसाधन की कमी के कारण मशीनें उपयोग में नहीं आ पा रहीं, तो कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारी नियुक्त करें। नई मशीनें जल्द से जल्द इंस्टॉल करवाने और उनकी समय-समय पर मेंटेनेंस भी सुनिश्चित की जाए।

आभा आईडी बनाएं और आयुष्मान योजना को बढ़ावा दें

उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया। आयुष्मान कार्ड वितरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। साथ ही, सभी नागरिकों की आभा आईडी भी बनवाई जाए, ताकि उपचार में सुविधा हो। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

मॉडल सीएचसी की स्थापना पर जोर

प्रमुख सचिव ने हर विधानसभा क्षेत्र में मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थापना पर मिशन मोड में काम करने को कहा। इन केंद्रों के लिए जरूरी संसाधन और सेवाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं। चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर निगरानी रखें, ताकि केवल मरीज, उनके परिजन और अधिकृत लोग ही प्रवेश कर सकें।

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