वॉशिंगटन — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त आर्थिक नीतियों का रुख अपनाते हुए फिल्म इंडस्ट्री पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर घोषणा की कि वह विदेशों में निर्मित फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे।
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री, विशेष रूप से हॉलीवुड, बाहरी देशों की नीतियों के कारण गंभीर संकट में है और यह न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मामला बन गया है।
“विदेशी प्रचार से खतरे में अमेरिकी संस्कृति”
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा:
“अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री तेजी से कमजोर हो रही है। विदेशी सरकारें हमारे निर्माताओं को अपने देशों में लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं। यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह एक संगठित प्रचार युद्ध भी है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका की फिल्मों को कमजोर करना दरअसल अमेरिकी पहचान और विचारधारा पर हमला है।
विदेशी फिल्मों पर अब 100% टैरिफ
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को यह निर्देश दे चुके हैं कि जो भी फिल्में अमेरिका के बाहर निर्मित होंगी, उन पर 100% आयात शुल्क लगाया जाए।
उन्होंने कहा,
“अब वक्त आ गया है कि अमेरिका की फिल्में फिर से अमेरिका में बनें। हम घरेलू फिल्म उद्योग को फिर से मजबूत देखना चाहते हैं।”
पहले भी उठा चुके हैं टैरिफ का मुद्दा
यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह के कड़े टैरिफ लगाने की घोषणा की हो। अप्रैल 2024 में भी उन्होंने भारत, चीन और अन्य देशों से आयात पर भारी शुल्क लगाने का आदेश दिया था, जिसका असर वैश्विक स्टॉक मार्केट पर भी पड़ा था। उस समय चीन इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप की यह नई नीति जहां अमेरिका में स्थानीय फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश है, वहीं यह वैश्विक मनोरंजन बाज़ार के लिए एक बड़ा झटका भी हो सकता है। यदि यह नीति लागू होती है, तो इससे भारत, कोरिया और यूरोप जैसी कई फिल्म निर्माण अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो सकता है जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं।

