
पहले परीक्षा, फिर होली
विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत चुनौतीपूर्ण है। 10वीं के छात्र विवेक गोदारा का कहना है कि पहले होली की मस्ती होती थी, लेकिन इस बार सिर्फ पढ़ाई चल रही है। पहले परीक्षा पास करेंगे, फिर जश्न मनाएंगे। इसी तरह 12वीं की छात्रा सोनाली व्यास बताती हैं कि घर में सब होली की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन वह सिर्फ नोट्स में उलझी हुई हैं।
पहले मेहनत, फिर मस्ती
विद्यार्थियों की प्राथमिकता बिल्कुल साफ है—पहले परीक्षा, फिर त्यौहार। जैसलमेर में इस बार हाथों पर गुलाल नहीं, बल्कि कलम की स्याही नजर आ रही है। लेकिन जैसे ही आखिरी परीक्षा खत्म होगी, ये सभी विद्यार्थी अपनी ‘पेंडिंग होली’ पूरे जोश और उल्लास से मनाएंगे।
