
होलिका दहन और रंगों की होली में एक दिन का अंतर
ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी और पूर्णिमा प्रदोष काल में पड़ रही है। इसलिए इसी दिन होलिका दहन किया जाएगा।
3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण और सूतक काल के कारण उस दिन कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे। इसलिए 4 मार्च को पूरे देश में रंगों की होली मनाई जाएगी।
ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार तिथि और ग्रहण के विशेष योग के कारण किसी प्रकार का संशय नहीं है।
27 फरवरी से शुरू होगा चीर बंधन
कुमाऊं क्षेत्र में होली की खास परंपरा है। यहां 27 फरवरी को एकादशी के दिन चीर बंधन होगा। इसके साथ ही कुमाऊं में होली का उत्सव शुरू हो जाएगा। गांव-गांव और घरों में खड़ी होली का गायन होगा, जो 4 मार्च की छलड़ी तक चलेगा।
पिछले वर्षों में रहा था अंतर
साल 2022 से 2025 तक कुमाऊं और देश के बाकी हिस्सों में होली अलग-अलग तिथियों पर मनाई गई थी।
-
2022 में देश में 19 मार्च और कुमाऊं में 18 मार्च को होली हुई।
-
2023 में देश में 7 मार्च और कुमाऊं में 8 मार्च को होली खेली गई।
-
2024 में देश में 25 मार्च और कुमाऊं में 26 मार्च को होली मनाई गई।
-
2025 में देश में 14 मार्च और कुमाऊं में 15 मार्च को होली हुई।
इस अंतर के कारण लोगों को छुट्टियों और कार्यक्रमों को लेकर परेशानी होती थी। लेकिन 2026 में यह भ्रम खत्म हो गया है और 4 मार्च को पूरे देश में एक साथ रंगों की होली मनाई जाएगी।
