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⚫ संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में इज़रायल दोबारा ‘ब्लैकलिस्ट’ में

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🗓️ 20 जून 2025 | न्यूयॉर्क/गाज़ा

संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर इज़रायल को उस काली सूची में शामिल किया है, जिसमें उन देशों के नाम दर्ज होते हैं जो सशस्त्र संघर्षों में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार हैं। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब इज़रायल का नाम इस सूची में आया है।

🔺 2024: हिंसा का अभूतपूर्व स्तर

UN की “Children and Armed Conflict” रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में वैश्विक स्तर पर 25% की वृद्धि हुई। ये अपराध हत्या, अंग-भंग, यौन हिंसा, स्कूलों और अस्पतालों पर हमले जैसे कृत्य शामिल हैं।

📊 मुख्य आंकड़े:

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसे 2024 में मारे गए 4,470 और बच्चों की जानकारी की पुष्टि अभी करनी है, जो कि गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रिपोर्ट की गई संख्या से मेल खाती है।

🇮🇱 इज़रायल के अन्य हमले

📣 संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस का बयान

“मुझे कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों और इज़रायल में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों की तीव्रता पर गहरा आघात पहुंचा है।”

उन्होंने जोर दिया कि इज़रायल को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए, जिसमें बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को विशेष सुरक्षा देना शामिल है।

⚔️ हमास और अन्य समूहों का भी जिक्र


🌍 वैश्विक परिदृश्य: इज़रायल के बाद हिंसा के मामले कहां ज़्यादा?

देश गंभीर उल्लंघन
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य 4,000+
सोमालिया 2,500+
नाइजीरिया लगभग 2,500
हैती 2,200+

📈 जहां सबसे अधिक वृद्धि हुई:

देश वृद्धि दर (%)
लेबनान 545%
मोज़ाम्बिक 525%
हैती 490%
इथियोपिया 235%
यूक्रेन 105%

🔚 निष्कर्ष:

संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट 2024 को बच्चों के लिए सबसे भयावह वर्षों में से एक करार देती है। गाज़ा, वेस्ट बैंक, लेबनान और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

✳️ गुतारेस ने सभी पक्षों से अपील की है कि युद्ध में बच्चों को कभी भी लक्ष्य न बनाया जाए, और स्कूलों, अस्पतालों को पूरी सुरक्षा दी जा

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