बीजिंग में इशाक डार के स्वागत में आई गिरावट न केवल कूटनीतिक रिश्तों में दरार का संकेत दे रही है, बल्कि पाकिस्तान की जनता भी इस घटनाक्रम को हल्के में नहीं ले रही है। चीन के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के साथ हुआ व्यवहार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
🇨🇳 एयरपोर्ट पर नहीं दिखे सीनियर चीनी अधिकारी
बीजिंग एयरपोर्ट पर इशाक डार के आगमन पर न तो कोई सीनियर चीनी अधिकारी नजर आया, न ही राजकीय सम्मान जैसा कोई दृश्य दिखा। कुछ जूनियर स्टाफ के अलावा उन्हें बस से एयरपोर्ट से बाहर ले जाया गया, जिससे यह साफ झलकता है कि मेज़बानी में गर्मजोशी की कमी थी। आम तौर पर विदेश मंत्रियों के लिए कार, रेड कार्पेट और वरिष्ठ स्वागत दल की व्यवस्था होती है।
🗣️ पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर उठा सवाल
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जैसे ही डार के आगमन का वीडियो X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया, यूजर्स ने मजाक और नाराजगी जताते हुए सवाल खड़े कर दिए। एक यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा, “ऐसे तो हमारी इज्ज़त इंटरनेशनल लेवल पर उतारी जाती है।” कई लोग इस बात पर हैरान थे कि न तो कोई रेड कार्पेट बिछा था और न ही स्वागत का कोई औपचारिक माहौल।
💣 चीनी हथियारों की भी हुई किरकिरी
पाकिस्तान ने हाल ही में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद PoK में जवाबी हमलों के दौरान चीनी हथियारों का प्रयोग किया, जिनमें JF-17 फाइटर जेट्स, PL-15 मिसाइल और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम शामिल थे। लेकिन इन हथियारों की विफलता ने चीन की सैन्य तकनीक की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए। इससे पाकिस्तान की रक्षा तैयारी और चीन पर उसकी निर्भरता दोनों की आलोचना होने लगी है।
🛡️ डार की यात्रा का उद्देश्य और चीन की नाराजगी
इशाक डार इस यात्रा के दौरान अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करने वाले हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस समय पाकिस्तान की अमेरिका के साथ कुछ हालिया पहल से नाराज चल रहा है, खासकर भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम को लेकर पाकिस्तान द्वारा अमेरिका की मध्यस्थता चाहने से। इसी वजह से शायद डार के दौरे की शुरुआत इतनी ठंडी रही।
🔍 निष्कर्ष:
इशाक डार का बीजिंग दौरा दर्शाता है कि पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति डांवाडोल होती जा रही है। एक तरफ पाकिस्तान चीन पर सैन्य और रणनीतिक रूप से निर्भर है, दूसरी तरफ वही चीन अब स्वागत में नर्म रवैया अपना रहा है। और पाकिस्तानी जनता इस पूरे प्रकरण को लेकर खुद अपने नेताओं पर कटाक्ष कर रही है।

